E-Commerce and its types Hindi | ई-कॉमर्स और इसके प्रकार |7 Benefits

E-Commerce and its types in hindi
e commerce and its types in hindi
दोस्तों आज हम इस पोस्ट को बहुत ही आसान भाषा में  What is ecommerce in Hindi ( ई कॉमर्स क्या है) और इसके types क्या हैं के बारे में पूरा विस्तार से पड़ेंगे |

E-commerce क्या है – ई कॉमर्स क्या है 

 
E-Commerce and its types in hindi
                              E-Commerce क्या है | ई कॉमर्स क्या है
 
 
 
E-commerce दो शब्दों से मिलकर बना है E तथा Commerce, ई-कॉमर्स का पूरा नाम इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स है गुड एंड सर्विस को online खरीदना तथा बेचना ई-कॉमर्स कहते हैं आज मार्केट में ई कॉमर्स की बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियां है जैसे कि amazon, flipkart,ebay, paytm  आदि जो इंटरनेट के माध्यम से व्यापार करने की सुविधा प्रदान करती हैं इन वेबसाइटों के द्वारा हम घर बैठे गुड एंड सर्विस को online खरीद और बेच  सकते हैं
 

Types of E-Commerce – टाइप ऑफ इ कॉमर्स 

1.   बिजनेस टू बिजनेस
2.    बिजनेस टू कंज्यूमर
3.    कंज्यूमर टू बिजनेस
4.    कंज्यूमर टू कंज्यूमर
5.    बिजनेस टू एडमिनिस्ट्रेशन 
6.   कंज्यूमर टू एडमिनिस्ट्रेशन

1. B2B (business to business)

 B2b में एक बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन अपने प्रोडक्ट को दूसरे बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन को बेचती है उदाहरण के लिए एक मैन्यूफैक्चर अपना सामान होलसेलर को बेचता है तथा होल्सेलर उस सामान को रिटेलर को बेचता है यहां पर मैन्युफैक्चर, होल सेलर एंड रिटेलर तीनों ही अपने बिजनेस है

2.  B2C (business to consumer)

 
  b2c इस प्रकार के ई-कॉमर्स में ऑर्गनाइजेशन या कंपनी सीधे कंजूमर को अपना प्रोडक्ट ऑनलाइन बेचती है यह सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला ई-कॉमर्स है इसमें कस्टमर ऑनलाइन वेबसाइट में देख सकता है तथा उसे आर्डर कर सकता है कंपनी को आर्डर की जानकारी मिल जाने के बाद अपने प्रोडक्ट को सीधे कस्टमर को भेज देती है  उदाहरण amazon,.flipkart,ebay, myntra आदि इनका उपयोग हम आजकल डेली लाइफ में करते हैं

3.  C2B (consumer to business)

 
 कंज्यूमर टू बिजनेस ई कॉमर्स एक ऐसा ईकॉमस है जिसमें कंजूमर जो है वह  बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन को प्रोडक्ट या सर्विस को दान करते हैं यह B2C मॉडल का एकदम उल्टा मॉडल है
 
C2b मैं कस्टमर अपने प्रोडक्ट और सर्विस को कंपनी को बेचती है उदाहरण  के लिए अगर आप ग्राफ़िक डिज़ाइनर हैं तो आप अपने ग्राफिक को डिजाइन करके कंपनियों को बैच सकते हैं 
आप अपने ग्राफिक को फाइबर, फ्रीलांसर तथा अपवर्क जैसी वेबसाइट के द्वारा बेच सकते हैं
 
आज ई-कॉमर्स का use आज पूरी दुनिया में हो रहा है e-commerce के माध्यम से goods and services को घर बैठे ही दुनिया के किसी भी कोने में Buy and sell किया जा सकता है 

4. C2C (consumer to consumer)

C2c इस प्रकार के कॉमर्स में सेलर तथा वायर दोनों कंजूमर होते हैं अर्थात एक  कंजूमर अपने प्रोडक्ट को दूसरे कंजूमर को वेबसाइट के माध्यम से बेचते हैं अगर आपके पास कोई प्रोडक्ट है जैसे लैपटॉप, कार, बाइक या अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि तो आप इस सामान को दूसरे कंज्यूमर को OLX तथा Quicker  वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बेच सकते हैं 
उदाहरण:- OLX तथा Quicker आदि इसके उदाहरण हैं

5. B2A (business to administration)

B2A बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन तथा गवर्नमेंट एजेंसी वेबसाइट के द्वारा सूचना का आदान प्रदान करते हैं गवर्नमेंट किसी प्राइवेट बिजनेस को कोई काम देती है जैसे कि किसी डेमोग्राफिक एरिया का सर्वे, कंपनी यह काम करती है और गवर्नमेंट को जानकारी देती है 

6. C2A (consumer to administration)

C2A (कंजूमर टू एडमिनिस्ट्रेशन)  ई-कॉमर्स को कंजूमर टू गवर्नमेंट ई-कॉमर्स कहते हैं इसमें कंज्यूमर तथा गवर्नमेंट एजेंसी के मध्य सूचना का आदान प्रदान वेबसाइट के माध्यम से होता है
 

ई-कॉमर्स के फायदे 

  • ई कॉमर्स द्वारा  हम अपने व्यापार का लेनदेन नेशनल तथा इंटरनेशनल मार्केट तक कर सकते हैं
  • किसी प्रोडक्ट को  खरीदने से पहले हम उस प्रोडक्ट के बारे में जान सकते हैं उससे रिलेटेड रिव्यू एंड कमेंट पढ़ के उस प्रोडक्ट की क्वालिटी के बारे में जान सकते हैं जिससे हमें सामान को खरीदने में आसानी होती है
  • ई कॉमर्स का उपयोग हम 24 * 7 hour  कर सकते हैं
  • आप अलग अलग प्रोडक्ट के फीचर्स और कीमत की तुलना घर बैठे कर सकते हैं
  • कभी-कभी कस्टमर डिस्काउंट कूपन जैसे अतिरिक्त लाभों का फायदा ले सकते है|
  • घर बैठे बैठे हम कोई भी सामान ऑनलाइन खरीद सकते हैं
  • हमें बाहर जाकर सामान खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है
 

ई-कॉमर्स की हानियां

  • ई-कॉमर्स के लिए हाई स्पीड इंटरनेट की जरूरत पड़ती है कभी-कभी लो स्पीड के कारण ई-कॉमर्स की वेबसाइट काम नहीं करती हैं 
  • ई कॉमर्स के लिए कंप्यूटर, मोबाइल तथा इंटरनेट की जानकारी होना जरूरी है
  • जब हम कोई सामान खरीदते हैं तो उस सामान को पहुंचने में दो से पांच या इससे अधिक दिन लग जाते हैं
  • सिक्योरिटी का ध्यान रखना पड़ता है क्योंकि जब हम ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो सिक्योरिटी का होना जरूरी है होना जरूरी है नहीं तो अकाउंट  हैक या फिर हमारी इंफॉर्मेशन चोरी हो सकती है

Meaning and Concepts – अर्थ और संकल्पना

“इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स” शब्द को लोकप्रिय रूप से ई कॉमर्स के रूप में जाना जाता है, और इसका उपयोग इंटरनेट के माध्यम से किए जाने वाले सभी व्यवसाय संचालन और लेनदेन का मतलब है।इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स वह व्यापारिक वातावरण है जिसमें वस्तुओं और सेवाओं की खरीद, बिक्री और परिवहन की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक रूप से इंटरनेट के माध्यम से चलती है।

इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स को चार दृष्टिकोणों से परिभाषित किया जा सकता है।

      I.            Communication Perspective                                 II.            Business Process Perspective 

     III.            Service Perspective                                           IV.            Online Perspective
 
इंटरनेट का उपयोग विभिन्न व्यावसायिक कार्यों जैसे ऑर्डर, उत्पादन, मूल्य निर्धारण, व्यावसायिक समझौते करना, गुणवत्ता परीक्षण, माल और सेवाओं के वितरण और वितरण के लिए ई-कॉमर्स में किया जाता है।

ई कॉमर्स की अवधारणा एक एकीकृत दृष्टिकोण है जो इंटरनेट के माध्यम से चयन और आदेश के माध्यम से ईमेल, वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान के माध्यम से अंतर और संगठन संचार सहित व्यावसायिक गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला को जोड़ती है।

 

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Components of e-commerce – ई-कॉमर्स के घटक

ऑनलाइन – शॉपिंग:- ऑनलाइन शॉपिंग ई कॉमर्स मार्केट का एक बहुत बड़ा उदहारण है | क्योकि इ-कॉमर्स मार्केट मे ऑनलाइन शॉपिंग का बहुत ज्यादा क्रेज है | ऑनलाइन शॉपिंग मे हम घर ऑफिस की छोटी से लेकर बड़ी चीज को आसानी से खरीद सकते है इसके लिए ऑफलाइन शॉपिंग की बहुत कंपनी है जैसे की: – myntra, flipkart और amazon आदि।
E-Commerce and its types Hindi | ई-कॉमर्स और इसके प्रकार |7 Benefits
          E-Commerce क्या है – ई कॉमर्स क्या है
इलेक्ट्रॉनिक भुगतान:- जब हम किसी वस्तु या सामान को ऑफलाइन खरीदते है तो उसके लिए हम भुगतान इंटरनेट के द्वारा करते है | जिसे हम इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट्स कहते हैं | ये पेमेंट हम क्रेडिट और डेबिट कार्ड या अन्य तरिके से करते है | इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट करने के अलग अलग तरिके होते है| 1. Pre -Paid   2. pay – now  3. Pay – later 
 
नेट बैंकिंग:- नेट बैंकिंग को इंटरनेट बैंकिंग, ऑफलाइन बैंकिंग भी कहते हैं | नेट बैंकिंग प्रत्येक बैंक द्वारा दी जाने वाली ऐसी सेवा है जिसके द्वारा हम घर ऑफिस मे बैठे-बैठे इंटरनेट की सहायता से अपने बैंक खाते को एक्सेस कर सकते है और पासबुक, एटीएम आदि के लिए अपाई मनी ट्रांसफर आदि सेवा को आसानी से प्राप्त या पूरा कर सकते हैं।
 
ऑनलाइन – टिकट:- इंटरनेट के माध्यम से हम किसी मूवी शो या फिर किसी बड़े कार्यक्रम, क्रिकेट मैच आदि के टिकट ऑनलाइन ख़रीदेंगे।

 

Does E-Commerce make money – वास्तव में ई कॉमर्स क्या है?

इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स किसी भी प्रकार के व्यवसाय, या वाणिज्यिक लेनदेन के लिए एक शब्द है, जिसमें ई-कॉमर्स द्वारा  हम अपने व्यापार का लेनदेन नेशनल तथा इंटरनेशनल मार्केट तक कर सकते हैं गुड एंड सर्विस को online खरीदना तथा बेचना ई-कॉमर्स कहते हैं 

Does E-Commerce make money 

ईकॉमर्स वेबसाइटें कितना कमाती  हैं? यह वास्तव में आपके उत्पाद, कंपनी, विपणन और आला पर निर्भर करता है, लेकिन औसतन एक नई ईकॉमर्स कंपनी और बिज़नेस  अपने व्यापार के पहले महीने में लगभग  20,000 डॉलर से  50,000 डॉलर कमा सकती है और वहां से उस आय को बढ़ा सकती है। यह एअर्निंग का बहुत बड़ा व्यापार हैं | 

 

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